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क्या हम सच में खुद को जानते हैं?

हम अक्सर दूसरों के बारे में बात करते रहते हैं – कभी किसी की तारीफ़ करते हैं तो कभी बुराई। यह हम सबकी आदत है। यह इंसानी फ़ितरत है कि हम हमेशा दूसरों को देखते रहते हैं। लेकिन क्या हमने कभी खुद को जानने की कोशिश की है?

अगर हमसे पूछा जाए कि हमारे दोस्त या परिवार के सदस्य कैसे हैं, तो हम शायद एक लंबा निबंध लिख देंगे। लेकिन जब खुद के बारे में लिखने की बारी आती है, तो हम चार-पाँच लाइन से ज़्यादा नहीं लिख पाते. मैं यहाँ आपके नाम, पते या परिवार के बारे में बात नहीं कर रहा, बल्कि आपकी personality और character के बारे में बात कर रहा हूँ।

अक्सर हम अपने जीवन में बहुत-से बाहरी आकर्षणों में उलझे रहते हैं, जैसे दोस्तों के साथ मौज-मस्ती करना, घंटों मोबाइल चलाना, और नई बुरी आदतें अपनाना। ये सभी चीज़ें हमें खुद को जानने से रोकती हैं। ये हमें बाहर की दुनिया में उलझाए रखती हैं और खुद के अंदर झाँकने का मौक़ा ही नहीं देतीं। जो लोग खुद पर ध्यान देते हैं, उनकी self-motivation और willpower बहुत ज़्यादा होती है। वे बाहरी ताक़तों के आगे नहीं झुकते और अपने लक्ष्य को पा लेते हैं।

जब कोई हमें कुछ बुरा-भला कहता है या हमारे बारे में बुरी बातें करता है, तो हमें बहुत गुस्सा आता है। हम अक्सर उस व्यक्ति से लड़ने-झगड़ने लगते हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यही है कि हम खुद को ठीक से जान नहीं पाए हैं। जब हमें खुद पर पूरा यक़ीन नहीं होता कि हम कौन हैं और हम कैसे हैं, तो किसी और के कुछ कह देने पर हम तुरंत उस बात पर यक़ीन कर लेते हैं और आग़-बबूला हो जाते हैं। अगर हमें पता हो कि हम वास्तव में कैसे हैं, तो किसी दूसरे की राय का हम पर कोई ख़ास असर नहीं होगा।

उदाहरण के लिए, अगर आपको पता है कि आप एक ईमानदार इंसान हैं, और कोई आपको आकर धोखेबाज़ कहे, तो आपको गुस्सा नहीं आएगा, बल्कि आप उस बात को हँसकर टाल देंगे। लेकिन अगर आप अपने बारे में पक्के तौर पर नहीं जानते, तो आप उस बात को दिल पर ले लेंगे।

अगर आप अपने चारों तरफ़ देखेंगे, तो हर कोई एक सामान्य जीवन जी रहा है। ऐसा इसलिए, क्योंकि उन्होंने कभी खुद को जानने की कोशिश ही नहीं की। अगर उनसे ऐसा करने को कहो, तो वे इसे पागलपन या समय की बर्बादी कहेंगे। क्या आप भी ऐसा ही बनना चाहते हैं, या जीवन में कुछ अलग करना चाहते हैं? जीवन में चाहे आप छोटा या बड़ा, लेकिन लक्ष्य के साथ काम करेंगे तो आपको ख़ुशी मिलेगी। यह वही इंसान कर सकता है, जो खुद को पहचान लेता है।

जब हम खुद को समझ लेते हैं, तो जीवन में बहुत सी चीज़ें आसान हो जाती हैं:

  • हमें सही और ग़लत का फ़र्क पता चलने लगता है.
  • हम सही फ़ैसले ले पाते हैं.
  • हमें लोगों को पहचानने और परिस्थितियों को समझने की ताक़त मिलती है.
  • हमारे रिश्ते बेहतर होते हैं.
  • हमें करियर में भी मदद मिलती है, क्योंकि हम ज़्यादा productive हो जाते हैं.

जो लोग खुद को पहचान लेते हैं, वे अपनी एक ख़ास personality बनाते हैं। वे जीवन में अपने-अपने स्तर पर सफ़ल भी होते हैं। किसी भी बड़े लक्ष्य को पाने या बड़ी उपलब्धि हासिल करने के लिए सबसे ज़रूरी है कि हम खुद को जानें।

जब हम खुद को जान लेते हैं, तभी हम सही दिशा में आगे बढ़ते हैं। बिना खुद को जाने हम एक बिना पहियों की गाड़ी की तरह होते हैं, जिसका कोई ठिकाना नहीं होता और जो कहीं भी जाकर दुर्घटनाग्रस्त हो सकती है। इसलिए, जीवन में आगे बढ़ने के लिए पहला और सबसे ज़रूरी क़दम है खुद को जानना, और उसके बाद ही अगले पड़ाव की ओर बढ़ना।

खुद को जानने से हमें यह समझ आता है कि हम क्या हैं, हमारी ताक़त और कमज़ोरियाँ क्या हैं, और हमारा असली लक्ष्य क्या है। यह आत्म-ज्ञान हमें सही फ़ैसले लेने में मदद करता है और हमें उस रास्ते पर ले जाता है जहाँ सफ़लता इंतज़ार कर रही होती है।

हमें यह जानना होगा कि हम कैसे हैं, हमारा व्यवहार कैसा है, और हम किस तरह के इंसान हैं. यह जानने के लिए, हमें कुछ बातों पर ध्यान देना होगा.

  1. अपने व्यवहार को देखें
    एक इंसान की असली पहचान घर पर माता-पिता के सामने नहीं, बल्कि दोस्तों के साथ बाहर होती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि हम माता-पिता के सामने अच्छे बनने का नाटक करते हैं, लेकिन दोस्तों के साथ खुलकर अपनी असलियत दिखाते हैं। इसलिए, सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि हम दोस्तों के सामने और घर के बाहर कैसा व्यवहार करते हैं। क्या हमारा यह व्यवहार हमें एक बेहतर इंसान बना रहा है? यह सवाल खुद से पूछना बहुत ज़रूरी है।
  2. अपने विचारों को समझें
    जब हम अकेले होते हैं, चाहे वह घर के बंद कमरे में हो, तो हमारे मन में कैसे विचार आते हैं? हमें क्या करने का मन करता है? हम किस चीज़ की तरफ़ आकर्षित होते हैं? यह सभी बातें हमारे काम को प्रभावित करती हैं और हमारे चरित्र को बनाती हैं। इसलिए, इन पर ग़ौर करना भी हमारे लिए ज़रूरी है।

खुद को जानने का एक छोटा-सा अभ्यास

नोटबुक लिखें:

चलिए, खुद को जानने के लिए एक छोटा-सा काम करते हैं। अपनी नोटबुक में एक तरफ़ अपनी ताक़तें (strengths) और दूसरी तरफ़ अपनी कमज़ोरियाँ (weaknesses) लिखें। जब यह सूची बन जाए, तो इसे अच्छे से दोबारा पढ़ें। फिर, उन कमज़ोरियों को दूर करने के लिए आप क्या कर सकते हैं, यह तीसरे पन्ने पर लिखें।

इसी तरह, आप किसी और दिन अपनी पसंद की hobbies की सूची बना सकते हैं, जिन्हें करने में आपको बहुत आनंद आता है। आप अपने सपनों और लक्ष्यों के बारे में भी लिख सकते हैं, जिन्हें आप पाना चाहते हैं। उन लक्ष्यों के बारे में कल्पना करके लिखें कि आपने उन्हें पा लिया है और आप सच में ऐसा कर रहे हैं.

उदाहरण के लिए, अगर आप गायक बनना चाहते हैं, तो आप कुछ इस तरह से लिख सकते हैं, “मैं सबसे बड़ा गायक बन गया हूँ. मैं अभी मुंबई के एक बड़े मैदान में कॉन्सर्ट कर रहा हूँ. वहाँ बहुत भीड़ है. लोग पागल होकर चिल्ला रहे हैं।”

ऐसा करने से आप खुद को व्यक्त करना सीखेंगे। बहुत-सी self-help books भी यही सलाह देती हैं कि हमें खुद को जानना चाहिए। हम कैसे इंसान हैं, हमें क्या चाहिए, और हमारे जीवन का लक्ष्य क्या है? इन सभी सवालों का जवाब हमारे पास होना चाहिए। अगर हमारे पास इसका जवाब नहीं है, तो हम एक आम आदमी की तरह जीएँगे और मर जाएँगे मरने से पहले हमें इसका जवाब ढूँढना ही होगा।

ध्यान (Meditation):

हर दिन 10 मिनट ध्यान करना एक बहुत ही अच्छी आदत है। यह न सिर्फ आपके दिमाग को आराम देता है, बल्कि आपको अपने विचारों को शांत करने में भी मदद करता है। जब दिमाग शांत होता है, तो हम खुद को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। यह एक तरह से दिमाग को “रीबूट” करने जैसा है, जिससे आप अपने दिन की थकान को दूर करके नई ऊर्जा महसूस करते हैं।

Self-talk (खुद से बात करना):

हमे खुद से बात करने की आदत डालनी चाहिए। रोज़ाना 10 मिनट अपनी नोटबुक में लिखी बातों को पढ़ना और खुद से सवाल-जवाब करना एक बेहतरीन तरीका है। जैसे, “क्या मैं अपनी कमज़ोरियों को दूर करने के लिए कुछ कर रहा हूँ?”, “क्या मैंने अपने सपनों और लक्ष्यों की दिशा में कोई कदम उठाया?”। इस तरह खुद को feedback देने से आप अपने रास्ते पर बने रहते हैं और खुद के प्रति जागरूक होते हैं।

प्रेरणादायक तस्वीरें और उद्धरण (Inspirational pictures and quotes):

जिस तरह की शख्सियत आप बनना चाहते हैं, उसकी तस्वीर या अच्छे quotes को दीवार पर लगाना या अपनी स्टडी डेस्क के सामने रखना, बहुत असरदार होता है। जब आप उन चीज़ों को रोज़ देखते हैं, तो आपका दिमाग लगातार आपको अपने लक्ष्य की याद दिलाता रहता है। यह एक trigger की तरह काम करता है, जो आपको खुद के बारे में सोचने और काम करने के लिए प्रेरित करता है।

अकेले समय बिताकर खुद को जानें:

अपनी पसंद की चीज़ें अकेले करना, यह खुद को जानने का एक बहुत ही बेहतरीन तरीक़ा है। अगर आपको घूमना पसंद है, तो अकेले यात्रा करके देखें। अगर आपको फ़िल्म देखना पसंद है, तो अकेले थिएटर में जाकर अपनी मनपसंद फ़िल्म देखें। अकेले ही अपने पसंद की डिश खाने रेस्टोरेंट जाएँ। ऐसे काम अकेले करने से आपको अपनी क्षमताओं और अपनी पसंद को समझने में मदद मिलती है।

नई हॉबीज़ अपनाकर जीवन में उत्साह भरें:

आप नई चीज़ें सीखने की कोशिश कर सकते हैं, जो आपको पहले पसंद थीं या अब भी पसंद हैं। जैसे, गिटार या पियानो बजाना, गाना गाना, डांस करना, पेंटिंग करना, किताबें पढ़ना, Cooking करना या कंप्यूटर सीखना। ये वो चीज़ें हैं जिनके बारे में आप पहले सोचते थे कि काश मैं इन्हें कर पाता। इन नई स्किल्स को सीखने से आपकी रोज़मर्रा की भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में एक नया उत्साह भर जाएगा और आप अपने बारे में सकारात्मक महसूस करने लगेंगे।

बीती बातों को भूलकर आगे बढ़ें:
अगर आपका कोई दोस्त रूठा है, तो आप खुद जाकर उससे बात कर सकते हैं, उसे ख़त लिख सकते हैं या मैसेज कर सकते हैं। जिस दोस्त से लंबे समय से बात नहीं हुई, उससे संपर्क करें। अगर किसी ने आपको तकलीफ़ पहुँचाई है, तो उसे मन ही मन माफ़ करके एक बड़ी मुस्कान के साथ आगे बढ़ें। ऐसा करने से आप अतीत की बातों से आज़ाद महसूस करेंगे और आपके दिल को सुकून मिलेगा।

दूसरों की मदद करके अपने दिल को सुकून दें:
आप अपनी क्षमता के अनुसार किसी की मदद भी कर सकते हैं। आप किसी को कुछ दान करके मदद कर सकते हैं, या अगर यह संभव न हो, तो अपना क़ीमती समय देकर भी किसी की सहायता कर सकते हैं। ऐसा करने से आप खुद को एक दयालु व्यक्ति के रूप में देखेंगे और यह आपके आत्म-सम्मान को बढ़ाएगा।

यह सारी आदतें मिलकर आपको एक ऐसा इंसान बनाती हैं जो न सिर्फ़ खुद को जानता है, बल्कि अपनी कमज़ोरियों पर काम करके लगातार बेहतर भी बनता रहता है। यह एक आनंददायक प्रक्रिया है, जो आपको जीवन में बहुत आगे ले जा सकती है।

निष्कर्ष:

जीवन में सफल होने और एक सार्थक पहचान बनाने के लिए खुद को जानना सबसे ज़रूरी है। हम अक्सर दूसरों को परखने और उनके बारे में राय बनाने में अपनी ऊर्जा ख़र्च कर देते हैं, लेकिन अपने अंदर झाँकने की कोशिश नहीं करते। यही वजह है कि ज़्यादातर लोग एक सामान्य और बेतरतीब जीवन जीते हैं। खुद को जानने से हमें अपनी personality को निखारने, सही फ़ैसले लेने, और अपने जीवन के उद्देश्य को समझने में मदद मिलती है। यह हमें बिना पहियों की गाड़ी की तरह भटकने से बचाता है और हमारे लक्ष्य की ओर सही दिशा देता है।

इसलिए, सिर्फ़ बाहर की दुनिया को ही नहीं, बल्कि अपने अंदर के इंसान को भी जानें। इसके लिए रोज़ ध्यान (meditation) करें, खुद से बात करें, अपनी ताक़त और कमज़ोरियों को पहचानें, और उन पर काम करें। जब आप खुद को जान लेते हैं, तो आप जीवन में न सिर्फ़ सफल होते हैं, बल्कि एक उद्देश्यपूर्ण और आनंदमय जीवन भी जीते हैं।

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